Tuesday, June 30सत्यम खबर
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बिचार

अवधी भाषा से अब शास्त्रार्थ होय

अवधी भाषा से अब शास्त्रार्थ होय

अवधी, प्रदेश ५, बिचार, शिक्षा/स्वास्थ्य
– ‘विद्रोही’मिति २०७८ बैशाख ७ गते विद्रोही अवधी भाषा करोडन वर्ष पुरान है । एक अणु पईदा होयक बाद यही अणु अनेकन खण्डमा बंटी गवा जेहीके कारण तमाम पशु, पंक्षी, जीव, जन्तु वनस्पति अऊर मनई बनें । मनई पहिले आदिम काल मा रहे ऊ न·े रहत रहय । जंगल मा ऊ लोग रहत रहय । कन्द मूल, फल, जंगली जानवर उनके आहार रहय । ऊ लोग आग मा आहार पकायकै नाय खात रहय । काहे कि ऊ समय मा आगी कै जानकारी कोईक नाय रहय । विरुवन कै पाती शरीर मा लपेट रहत रहय । ई मेर धीरे धीरे मनई कै दिमाग मा चेतना पईदा होतय गवा । बौद्धिक चेतना पइदा होयक बाद मा ऊ लोग भाषा केरे विकास करेक जुटी गए । उनके मुंह से पहिल शब्द निकरा ओ३म्, ओ३म् कै उच्चारण से उनके दिमाग तेजी से बढय लाग उन लोग कै दिमाग अतना तेजी से बढा कि बाद मा ऊ लोग पहिल भाषा संस्कृत मा बोलय लागे । ई संस्कृत भाषा देवतन कै भाषा बना । देवतन कै समय मैंहा तमाम राक्षस संस्कृति कै लो...
धर्म, संस्कृति, संस्कार र मौलिक सभ्यता

धर्म, संस्कृति, संस्कार र मौलिक सभ्यता

आस्था, धार्मिक, प्रदेश ५, बिचार, शिक्षा/स्वास्थ्य, समाज
२०७७ चैत २६ गतेधर्म चानचुने कुरा हैन, बरु सबैभन्दा ठूलो कुरा धर्म हो । धर्म भनेको वृक्ष हो । संसारका प्राणी र वस्तुहरु धर्ममा अडिएका हुन्छन् । धर्मको रक्षा मानिसले गर्नुपर्दछ, मानिसको रक्षा धर्मले गर्दछ । धर्म भनेको मानिसको जीवन पद्धति हो ।धर्म मान्नेलाई धार्मिक मानिस भनिन्छ । धर्म थरीथरीका छन् । हिन्दु, मुस्लिम, क्रिश्चियन आदि । धर्म नमान्नेलाई धर्मछाडा भन्ने प्रचलन छ । धर्म व्यक्ति वा वस्तुको मूल प्रवृत्ति हो, मानिसको स्वभाविक गुण हो । नियमित र निर्धारित काम र व्यवहार हो । स्वर्ग प्राप्त हुन्छ भन्ने लोक विश्वासको सुकर्म पुण्य कर्म हो । लोकहितका लागि स्विकारिएको कर्तव्य कर्म सदाचार धर्म हो । देवराज उपाध्याय धर्म शब्दको अर्थ हो, ईश्वरप्रतिको विश्वासले गरिने पूजाको पद्धति । विभिन्न धर्म मान्नेहरुको शब्द र उद्देश्य पनि भिन्न हुन सक्दछ । हामी हिन्दूहरुको मूलभूत आफ्नै स्वभाव हुन्छ । यही ...
लोकतन्त्र अउर जीवनशैली

लोकतन्त्र अउर जीवनशैली

अवधी, प्रदेश ५, बिचार, समाज
– हेमन्तराज काफ्ले ‘ऋतु’ २०७७ चैत २१ गतेऐतिहासिक लोकतान्त्रिक आन्दोलन से सफलता पायेक एक दशक होई पहुँच गवा है । युगान्तकारी परिवर्तन के खातिर दर्जनौं व्यक्ति लोग अपन जीवन का आहूती दै चुके है । मने ऊ शहीद लोग जिके खातिर अपने जीवन कै आहूती दिहिन रहय, ऊ दिशा मइंहाँ मुलुक सञ्चालन नाय भवा है । शहीदन के घर परिवार, घायल अउर आन्दोलनकारी औ दशक लम्बा सशस्त्र हिंसा के क्रम मैंहा तड्फत रहें पीडित लोग जान लेयक चाही आज तक न्याय नाय पाइन हैं बिपन्न वर्ग के खातिर लोकतन्त्र से तनिकौ फरक अबही तक नाय परा है ।जनता के प्रतिनिधि लोग लिखा गा संबिधान जारी भवा है तौ वास्तविक लोकतन्त्र तर्फ के रूपान्तरण के खातिर सहभागितामूलक लोकतन्त्र कै अभ्यास नाय होइ पाइस है । राज्य सञ्चालन मइंहाँ जनता कै नियन्त्रण लोकतन्त्र होय । मने स्थानीय निकायन मैंहा करीब दुई दशक से निर्वाचन न होयके कारण से स्थानीय निकाय मैंहा तरे तह के रा...
अवधी बिज्ञान कै दृष्टि से अवधी कै मूल्यांकन

अवधी बिज्ञान कै दृष्टि से अवधी कै मूल्यांकन

अवधी, आस्था, प्रदेश ५, बिचार
– सच्चिदानन्द चौवे २०७७ चैत २१ गतेअवधी भाषा कै भाषा विज्ञान कै दृष्टि से विवेचन करय से पहिले हिन्दी भाष कै सर्दभमा अवधी कै कैसन स्थित है ? यहिका जानबु जरुरी है । हिन्दी भाषा केर निम्नलिखित दुई उपभाषा या बिभाग मानी गई है । १ः– पश्चिमी हिन्दी २ः– पूर्वी हिन्दी कै निम्नलिखित तीन वाली मानी गई है । १ः– अवधी २ः– वधेली ३ः– छत्तीसगढी पश्चिम हिन्दी कै पाँच वोली मनी जाती है । कौरवी, वाँगरु, कजकन्नौज, वुन्देलखण्डी ।भाषा वैज्ञानिक लोग पश्चिम हिन्दीका शौरसेनी अपभ्रंश ते औ पूर्वी हिन्दीका अर्धमागधी अपभ्रंश ते व्युत्पन्न औ विसित मानत हैं । असमिया, बंगाल, उडिया औ बिहारी भाषाएं मागधी अपभ्रंश से व्यत्पन्न औ विकसित मानी गई है । ऐसन अवधी एक तरफ तो पश्चिमी हिन्दी की बोलिन से प्रभावित है औ दुसरी ओरिया वंगाल, असमिया, उडिसा औ बिहारी भाषन से प्रभावित है । भाषायी विकास कै प्रक्रिया यह सिद्ध करति है कि अवधी भाषा ...
बुरा नमानौं होली है ‘आनन्द’ कै महामूर्ख वाणी

बुरा नमानौं होली है ‘आनन्द’ कै महामूर्ख वाणी

अवधी, आस्था, कला/साहित्य, प्रदेश ५, बिचार, समाज
विद्रोही नेपालगंज नगरीया कै वार्ड नं. ११ मईहाँ साहित्यकार सच्चिदानन्द चौबे ‘आनन्द’ वईठत हय । नेपालगंज मईहाँ आनन्द के नाम लेतय मा लोग सच्चिदानन्द चौबे होंय समझ लेत हंय । नारायण माध्यमिक विद्यालयमा मास्टरी करतय ऊ महेन्द्र पुस्तकालय कै इन्चार्ज तक रही कै काम किहिन । साहित्य क्षेत्र मा उनकै बत्तै पकड हय जत्ता शिक्षा क्षेत्र मईहाँ । ऊ हिन्दी भाषा अऊर अवधी भाषा मा बहुतय गीत, कविता, गद्य, पद्य मईहाँ बहुतय रचना लिखिन हय । तमाम किताब उनकै छपी चुका हय, तमाम किताब छपेक बाँकी हय । पईसा कय समस्या कय खातिर तमाम किताब नाय छप पाईस हय । अवधी रामायण सहित दर्जनौ पुस्ताक निकाल चुके हय । इमारे बहुतय चरचा मारहे । साहित्य क्षेत्र मा बहुतय काम किहिन ईमारे उनका बहुतय पुरस्कार, सम्मान मिलि चुका हय । अब फागु पूर्णिमा (होली) परव हय ईमारे हियां हम उनकै होली केरि लेख पर चरचा करवैय । होली कै पर्व मा महामूर्ख सम्मेलन ...
पत्रकारिता र समाबेशिता

पत्रकारिता र समाबेशिता

प्रदेश ५, बिचार, विचार/अन्तर्वार्ता, समाचार
२०७७ चैत १४ गते राकेश कुमार मिश्र, केन्द्रीय अध्यक्ष, अवधी पत्रकार संघ नेपाल पत्रकारिता पेशा मर्यादित र सम्मानित पेशा हो । समाज परिवर्तनका लागि गरिने पत्रकारिताले अमुल परिवर्तन ल्याउँछ । समाजमा ऐनाको रुपमा पत्रकारलाई चिन्ने गरिन्छ । पत्रकारले आफ्नो मूल्य, मान्यता, पत्रकारिता आचारसंहिताभित्र रहेर व्यवसायिक पत्रकारिता गर्नुपर्दछ । त्यसै बमोजिम हामी पत्रकारहरु यो पेशा अपनाएका पनि छौ ।यो पेशालाई व्यवसायिक रुपमा अगाडी बढाइरहँदा थुप्रै चुनौती तथा समस्या झेल्नुपरेको अवस्था छ । त्यसमा पनि पेशागत चुनौती, दक्षताको चुनौती, संचार गृहको दिगोपनाको चुनौती लगायतले गर्दा पत्रकारिता पेशाको निरन्तरता न्युन देखिन्छ । तर अहिले पछिल्लो समय हेर्ने हो भने पत्रकारिता जगत निकै फस्टाएको छ । दिनहु संचारमाध्यम खुल्दै जानु, नयाँ पत्रकारहरुको संख्या बढदै जानुले नेपालमा पत्रकारिता झन अघि बढेको पुष्टी गर्दछ । यसले म...
सहरका सीमान्तकृत

सहरका सीमान्तकृत

प्रदेश ५, बिचार, विचार/अन्तर्वार्ता, शिक्षा/स्वास्थ्य, श्रम/रोजगार, समाज
२०७७ चैत १४ गते शुक्रऋषि चौलागाई स्याहार सुसार पाउने उमेरका सफी मोहम्मद किंघरियन अहिले पनि गुजाराकै लागि गाउँ÷टोल चाहर्छन् । ७५ वर्षिय किंघरियन एका विहानै घरबाट निस्किन्छन् र साँझपख मात्र पुग्छन् । ‘किंगरी’ (एक प्रकारको वाजा) बजाएर सीदा (चामल, पैंसा) माग्दै जीवन धानीरहेका छन् । उनी नेपालगन्जदेखि करिब ६ किलोमिटर पुर्व पुरैनी किंघरियनपुर्वामा बस्छन् । किंघरियन, लोपोन्मुख र संकटोन्मुख जाति मध्येको एक हो । राष्ट्रिय जनगणना अनुसार नेपालमा किंघरियनहरुको जनसंख्या करिब १ हजार ३ सय ५० रहेको छ । ंिकंघरियनहरु साविकको पुरैनी– ७ र ८ मा बसोवास गर्दछन् । सो क्षेत्र हाल नेपालगन्ज उपमहानगरपालिकाको वडा नं. २२ मा पर्दछ ।मुस्लिम समुदायको उपेक्षित जातिका रुपमा हेरिने किंघरियनहरु ंिकंगरी (चिकारा) बजाएर गुजारा गर्ने हुनाले नै किंघरियन कहलीन थालेका हुन् । ंिकंगरी बजाउने, कड्खा र बिरहा लगायतका गीत गाउँने मोह...
पोखरीको दलदलमा डुब्दै क्रिकेट स्टेडियम

पोखरीको दलदलमा डुब्दै क्रिकेट स्टेडियम

प्रदेश ५, बिचार, समाज
विनय दीक्षितनेपालगन्ज उपमहानगरपालिकाले फुल्टेक्रा स्थित बाँके जिल्ला कै सबभन्दा ठूलो सरकारी/सार्वजनिक/प्राकृतिक पोखरी पटान गरी सो मा क्रिकेट स्टेडियम, कर्बला लगायतको संरचना निर्माण गर्न गतवर्ष निर्णय गरे अनुरुप उपमहानगर प्रमुख डा. धवल शम्शेर राणाको अति नै महत्वकाँक्षी राजनीतिक प्रोजेक्टको रुपमा रहेको कर्बला र क्रिकेट स्टेडियम मेयरले छनौट गरेको स्थान पोखरीमा निर्माण सम्भव छ त ? कि कर्बला र क्रिकेट स्टेडियमलाई राजनीतिक स्वार्थपूर्तिको लागि मात्रै प्रयोग गरिएको हो ? नेपालगन्जमा सबभन्दा बढी चर्चाको विषय बन्न पुगेको छ ।सम्भावना न्यून छ, न्यून सम्भावनाका आधारहरु धेरै भएपनि केही महत्वपूर्ण आधारहरु निम्नानुसार रहेका छन् । जसकारण पोखरीमा क्रिकेट स्टेडियम निर्माण हुने सम्भावना क्षीण हुँदै गएको छ ।सर्वप्रथम उक्त पोखरी उपमहानगरपालिकाको सम्पत्ति होईन । आफ्नो स्वामित्वमा नभएको सम्पत्तिलाई उपभोग गर्नु पू...
परदेशी

परदेशी

प्रदेश ५, बिचार, समाज
शिव प्रसाद पाठक २०७७ फागुन २७ गतेराजापुर गांव कय कामता मुराऊ का सउदिया जायक वडा मन रहय । गांव के तमाम लोग सउदिया से पैसा कमायके लाये औ घर पक्का बनवाइन जघा जमीन खरीदिन औ वडे मजे से रहय कोई कोई तौ दुई तीन दफी जाय चुके रहें । उनही लोग कामता का खुब समझावै सउदिया बारेमा मेरमेर केर बात बतावै । यही मारे कामता केर मन ललचाय । कामता अपने बप्पा सुमिरन से कहिन बप्पा हमहूँ सउदिया जावा चाहित हय हमका पठवयक तैयारी कय देव ।सुमिरन कहय लागे भैया हमरे पास सबकुछ हय हिंया खेतीपाती मइहाँ ध्यान देव अतना खेत हय कि नीकसे कै नाई मिलत हय । तमहूँ मेहनत से ध्यान देहौ तौ सउदिया केर कमाई हिंयै हय । औ तुमका का कमी हय जौ परदेश जावा चहत हौ । तनि अपने चारिऊ ओर देखव जो जो सउदी जायके कमाई कय के लाये हय उनके घरे पहिले का रहा खायक ठेकाना नाई रहा तौ परदेश गये रहे । अउरौ एक बात हय कतने आदमी हुवा मरि गए है उनकै लहास वक्सा मइहाँ ...
महाशिव रात्रीय कय महिमा

महाशिव रात्रीय कय महिमा

आस्था, धार्मिक, प्रदेश ५, बिचार, शिक्षा/स्वास्थ्य, समाचार, समाज
शिव प्रसाद पाठक २०७७ फागुन २७ गतेशिवरात्री के ब्रत कय ई जानयक जरुरी हय । फागुन महिना केर कृष्ण पक्ष के त्रियोदशी कय दिन महाशिव केर त्योहार होत हय । वईसे तौ हर एक महिना के कृष्ण पक्ष कय त्रियोदशी (तेरस) का मास शिवरात्री माना जात हय । ई महाशिव रात्री केर ब्रत तपस्या, संयम, साधना का बढावय वाला पर्व होय । सादगी सरलता से शिव स्वरुप मौन रहय वाला दिन होय । गांजा, भांग खायके वौराय वाला दिन न होय । ऊ नमः शिवाय वा राम नाम कय अमृत ई के मन औं आत्मा का पवित्र करय वाला दिन होय । शिवरात्रि कय आवास (ब्रत) अनन्त दुर्लभ हय । अगर ब्रत के साथेन रात्रि जागरण करय तौ सोना मा सुगन्ध जस होत हय । ई बात स्कंन्द पुराण के ब्रहमोत्तर खण्ड मईहाँ आवा हय । ब्रहमा वशिष्ठ अऊर देउता सब ई ब्रत कय प्रशंसा किहिन हय । जागरण कय अर्थ हय जागयक ई मानव चोला विषय अऊर विकास मईहाँ बरवाद न होय अपने जीवन कय परम् उद्देश्य युक्ती ...