Tuesday, April 14सत्यम खबर
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विचार/अन्तर्वार्ता

सहरका सीमान्तकृत

सहरका सीमान्तकृत

प्रदेश ५, बिचार, विचार/अन्तर्वार्ता, शिक्षा/स्वास्थ्य, श्रम/रोजगार, समाज
२०७७ चैत १४ गते शुक्रऋषि चौलागाई स्याहार सुसार पाउने उमेरका सफी मोहम्मद किंघरियन अहिले पनि गुजाराकै लागि गाउँ÷टोल चाहर्छन् । ७५ वर्षिय किंघरियन एका विहानै घरबाट निस्किन्छन् र साँझपख मात्र पुग्छन् । ‘किंगरी’ (एक प्रकारको वाजा) बजाएर सीदा (चामल, पैंसा) माग्दै जीवन धानीरहेका छन् । उनी नेपालगन्जदेखि करिब ६ किलोमिटर पुर्व पुरैनी किंघरियनपुर्वामा बस्छन् । किंघरियन, लोपोन्मुख र संकटोन्मुख जाति मध्येको एक हो । राष्ट्रिय जनगणना अनुसार नेपालमा किंघरियनहरुको जनसंख्या करिब १ हजार ३ सय ५० रहेको छ । ंिकंघरियनहरु साविकको पुरैनी– ७ र ८ मा बसोवास गर्दछन् । सो क्षेत्र हाल नेपालगन्ज उपमहानगरपालिकाको वडा नं. २२ मा पर्दछ ।मुस्लिम समुदायको उपेक्षित जातिका रुपमा हेरिने किंघरियनहरु ंिकंगरी (चिकारा) बजाएर गुजारा गर्ने हुनाले नै किंघरियन कहलीन थालेका हुन् । ंिकंगरी बजाउने, कड्खा र बिरहा लगायतका गीत गाउँने मोह...
बाल विवाह : शिक्षा कय कमी

बाल विवाह : शिक्षा कय कमी

प्रदेश ५, विचार/अन्तर्वार्ता, शिक्षा/स्वास्थ्य
२०७७ चैत ११ गतेबाल विवाह होयक कारन एक तौ शिक्षा कय कमी का मुख्य रुप मईहाँ माना जाय सकत हय । बालबालिकन(लरिकेन बिटियन) कैंहा ज्ञान औ वातावरण कय कमी के कारन से बाल विवाह होत रहेक अवस्था हय । वही से विद्यालय तह मईहाँ बाल विवाह के बिषय मईहाँ शिक्षा देयक एकदम जरुरी हय औ देयह चाही । आज के छोट छोट लरिके बिटियन का जान लेयक चाही काल कय कै कर्णधार होय । ईन लोगन कईहाँ कस कय बनवा जाय ई बातन मईहाँ शिक्षा मईहाँ आशा रहत हय । उन लोग कस शिक्षा पाइन, अपने व्यवहार वइस बनावत हय । बालबालिका विद्यालय मईहाँ ज्ञान सीप सिखैक खातिर जात हय । – हेमन्त राज काफ्ले उन लोग शिक्षक जउन कहियै ऊ बात ईनकार न करिहय । लरिका बिटिय विद्यालय मईहाँ साथी भाईन के संघे खेलत रहत हय । उन लोगन कईहाँ विवाह के मतलब का होय ऊ कय बारेम कुछ पता नाय रहत हय मने तब्भौ उन लोग बाल विवाह करत रहत हय । बैबाहिक संस्कार नाय समझ पावत हय, तब्भौ उन लो...
पिछडा वर्ग कब तक पिछडय रही ?

पिछडा वर्ग कब तक पिछडय रही ?

अवधी, प्रदेश ५, विचार/अन्तर्वार्ता, समाज
२०७७ चैत्र ११ गते नेपाल मईहाँ २ मेर के मनई रहत हय । ई मा एक जात हय पहाडी वर्ग केर दोसर हय मधेशी वर्ग केर । ई मा देखव तो पावा जात हय कि पहाडी वर्ग बहुतय शिक्षित अऊर धनी हय मूला मधेशी जातिमा न तव शिक्षा हय न तव ऊ धनीन हय । मधेशीन मईहाँ एक वर्ग हय ऊ का पिछडा जात कहा जात हय । ई जाति का आगे बढावेक खातिर उनका ओवीसी कय श्रेणी मा सुचीकृत कर दिहा गवा हय । ई पिछडा वर्गमा हय कुशवाहा, कुर्मी, कुम्हार, कंहार, कमार, केवट, कानु, तेली, कलवार, नुनिया, बनिया, भेडिहर, माली, मल्लाह, मुसलमान, वरैड, यादव, राजभर, राजधौव, रौनियार, लोहार, लोध, सुडी, सैनी, सोनार, हलुवाई, हमाज, अयात, केवरत, वर्णवाल, जोगिया, बिन, बेलदार, बोट, अऊर ईनका बडै जईसन जात केर आगे बढावेक ई ओबीसी काम करत आवा हय । ई जातन केरि विकास करेक खातिर ओबीसी सरकार के आगे आपन मांग उठावत हय । मूला सरकारी स्तर मा जऊन सहयोग आवत हय उत्ता रकम से पिछडा वर्ग ...
एक महान व्यक्तित्व : प० योगेश्वर प्रसाद मिश्र ‘वैद्य’ जी

एक महान व्यक्तित्व : प० योगेश्वर प्रसाद मिश्र ‘वैद्य’ जी

अवधी, आस्था, प्रदेश ५, विचार/अन्तर्वार्ता, श्रम/रोजगार, समाज
– ‘विद्रोही’ २०७७ फागुन २० गतेबाँके जिला मईहाँ स्व. प० योगेश्वर प्रसाद मिश्र ‘वैद्य’ जी तमाम समाज सेवा कार्य करिकय ऊ कऊनौ समय मईहाँ बहुतय चर्चित भए रहें । वैद्य जी कय जनम १९७२ साल सावन महिना मईहाँ भवा रहय । बाँके जिला मईहाँ ऊ समय मा कऊनौ पत्रपत्रिका नाय रहय । ई बात का मनन करिकय २०१६ साल मा मात्रभूमि हिन्दी साप्ताहिक पत्रिका वैद्य जी दर्ता कराईन रहय । ई मेर वैद्य जी बाँके जिलामा पत्रकारिता कय निउ डालयक काम किहिन रहय । नेपालगंजमा ऊ ई पत्रिका कय प्रधान सम्पादक बन कय काम किहिन । १९९३ साल मा नारायण हाई स्कूल कय स्थापना अऊर ऊ कय बाद सरस्वती विद्यालय आऊर प्रेम पुस्तकालय ‘महेन्द्र पुस्तकालय’ जईस संस्था कय स्थापना उन्ही कय प्रेरणा अऊर सहयोग से भवा रहय । वैद्य जी कुछ दिन तक नारायण माध्यमिक विद्यालय मा अध्यापन जईस काम किहिन । १९९८ मा नेपाल राज्य प्रज्ञा सम्मेलन कय स्थापना करिकय हिंया राजनीतिक चेतन...
देश अनुसारका संसदीय प्रणाली

देश अनुसारका संसदीय प्रणाली

राजनीति, विचार/अन्तर्वार्ता
नेपालको संविधानको धारा ७४ मा ‘संसदीय शासन प्रणाली’ भन्ने शब्दहरू भएकै कारण प्रधानमन्त्रीलाई संसद विघटन गर्ने अप्रत्यक्ष अधिकार हुन्छ भन्ने तर्कहरू सुनिन्छ । तर, नेपालको संसदीय शासन प्रणाली अनुसार प्रधानमन्त्रीलाई संसद विघटन गर्ने प्रत्यक्ष वा अप्रत्यक्ष अधिकार छैन । रुद्र शर्मा यसका लागि संसदीय शासन प्रणाली भनेको के हो, यो कहाँ कसरी विकास भयो र कसरी नेपालमा प्रयोग हुन थाल्यो भन्ने बुझ्न आवश्यक छ । संसदीय व्यवस्थाको आधारभूत अर्थ हो, जहाँ कार्यकारीको प्रजातान्त्रिक वैद्यता कार्यकारीले व्यवस्थापिकाको विश्वास कायम गर्न सक्ने क्षमतामा भर पर्छ । व्यवस्थापिकाबाट कार्यपालिका वा कार्यकारी जन्मिन्छ र सोही व्यवस्थापिकाको विश्वास कार्यपालिकाले कायम गरेसम्म मात्र उक्त कार्यकारी वहाल रहन्छ ।कुनै पनि कारणले व्यवस्थापिकाको विश्वास कायम गर्न सक्ने क्षमता कार्यपालिकाले गुमायो भने त्यस्तो कार्यपालिका व...
चिन्तन कइहाँ छोडि के सेवा कथा कय रसपान

चिन्तन कइहाँ छोडि के सेवा कथा कय रसपान

आस्था, धार्मिक, प्रदेश ५, विचार/अन्तर्वार्ता, समाज
–पंं. बिजय प्रकाश शर्मा (शास्त्री)२०७७ माघ १८परमात्मा गर्भ मइहाँ आवय से पहिलेन हरेक ब्यक्ति कय आयू कत्ता होई औ कतने वर्ष तक जीवित रही ऊ कय कर्म कस औ कतना ऐश्वर्य कय मालिक होई कतना बिद्या पाई, ई सारा बिधान गर्भ मइहाँ आवै से पहिलेन निर्धारित होई जात हय । हरेक ईन्सान कइहाँ थोरा थोरा कहत रहत चाही हे प्रभु हम आप कय होई अउर आप हमरे हव, जब हम अपने आप का परमात्मा कइहाँ सौंप देहव तौ परममात्मा हम का अपने कनिया मइहाँ बैठाय लेहैं, भगवान कहत हय हम भक्त के अधीन मइहाँ होई कय कौनौ कार्य करित हय, जब भगवान बिष्णु नरसिंह कय रुप धारण कै कय हिरण्याकश्यप कय बध कई दिहिन उकेबाद मइहाँ प्रहलाद कइहाँ कनियामा बैठाय कहय लागे कि हे पुत्र हमका क्षमा कय देव हमका आवै मइहाँ देर होइ गा । भगवान कृष्ण गीता कय १८ वां अध्याय मइहाँ ६६ वां श्लोक कहत हय जीव मात्र हमरे शरण मइहाँ आय जाय अउर सब धर्म कइहाँ छोडिके ऊ जीव कइहाँ मो...
बहुप्रतिभाको तयारी बारे जानकारी दिंदै ‘नटीहटी’

बहुप्रतिभाको तयारी बारे जानकारी दिंदै ‘नटीहटी’

कला/साहित्य, प्रदेश ५, भिडियो, विचार/अन्तर्वार्ता
नेपालगन्ज, १८ पौष – नेपालको ऐतिहासिक नगरी बाँकेको नेपालगन्जमा हुन गईरहेको प्रदेश स्तरीय बहु प्रतिभाको खोजी कार्यक्रमको तयारीका लागि हाल नेपालगन्जमा रहेकी बहुप्रतिभाकी धनी ‘नटीहटी’ को नामबाट परिचित अनुपम श्रेष्ठसित गरिएको कुराकानी । https://www.youtube.com/watch?v=czN9_PGf0HE
“आर्थिक संकटलाई निराकरण गर्न सरकारले हातेमालो गर्न अतिआवश्यक” सञ्चालक सिंह

“आर्थिक संकटलाई निराकरण गर्न सरकारले हातेमालो गर्न अतिआवश्यक” सञ्चालक सिंह

आर्थिक, प्रदेश ५, विचार/अन्तर्वार्ता, शिक्षा/स्वास्थ्य, समाचार
नेपालगन्ज, ९ श्रावण– नेपालगंज उपमहानगरपालिका वडा नं. २१ मा अवस्थित श्रद्धा ईट्टा उद्योगका सञ्चालक सुधिर प्रताप सिंहले सरकारसित उद्योग, व्यावसायी तिर वर्तमान अवस्थामा ऋण तर्फ केही छुट दिन माग गरेका छन् । सञ्चालक सिंहले विगत दशकौंदेखि उद्योग मार्फत हामीले सरकारलाई दिनुपर्ने योगदान दिंदै आएको तथा हाल कोभिड–१९ ले गर्दा उद्योगमा रहेको आर्थिक संकटलाई निराकरण गर्न सरकारले हातेमालो गर्न अतिआवश्यक रहेको बताउँछन् । सञ्चालक सुधिरप्रताप सिंह नेपालगन्ज, फुल्टेक्रा, बिर्ता, पुरैना, पुरैनीलगायतको ठाउँको लागि कुनै नौलो नाम भने होइनन् । सुधिरप्रताप सिंह एउटा कुशल व्यवसायीको साथै सामाजिक गतिविधिमा समेत उत्तिकै सक्रिया रहेको व्यक्ति हुन । नेपाल सरकारद्वारा कोभिड–१९ को बेला गरिएको लकडाउनमा आफ्नै पैसाबाट धेरै कार्यहरु गरेका छन् । सेनिटाईजर वितरण, मास्क वितरण, टि–शर्ट वितरण, राहत प्याकेज वितरणदेखि लिएर गरीब दु...
ओली सर, मधेसमा सीके राउत धेरै भएछन् है !

ओली सर, मधेसमा सीके राउत धेरै भएछन् है !

प्रदेश १, विचार/अन्तर्वार्ता
कतै सेतो र कतै कालो मानिएको संविधान दिवसको दिन म वीरगञ्जमा थिएँ । काठमाडौँबाट अरु निकैजना पनि गएका थिए । दुर्गा सोब, कृष्ण सर्वहारी, विजय कर्ण, राजेन्द्र महर्जन, अनुभव अजीत, प्रभात झा, युग पाठक, तुलानारायण साह, सुन्दरमणि दीक्षित, सीके लाल, प्रदीप गिरी, किशोर नेपाल, दमननाथ ढुङ्गाना आदि । बिराटनगरबाट राकेश मिश्र आएका थिए । मधेसको राजनीतिक मुद्रा हेर्दा थाहा भयो— त्यहाँ सिंहदरबारप्रतिको असन्तोष र आक्रोश बढ्दो छ । काठमाडौंको सनातनी राष्ट्रवादको नजरले हेर्दा मधेसमा अब केही पनि समस्या छैन । उपेन्द्र यादव, जो संघीयताको मुद्दा उठाएर नेताका रुपमा स्थापित भएका थिए, जो मधेसी आन्दोलनका जाजल्यमान अगुवा थिए, उपप्रधानमन्त्री पद प्राप्त भएपछि उनी नेकपा डबलमा विलय भएका छन् । अझ भनूँ, उनी पूर्वमाकेका प्रमुख पुष्पकमल दाहालझैं नेकपा डबलको प्रभुत्वशाली ओली प्रवृत्तिमा घुलीत भएका छन् । राजपाले ओली सरकारल...