“साहसी लड्की” संस्मरण
२०७७ माघ ७ गतेट्रेन छुट्य वाला रहय । समय होइ चुका रहय । बराबर सीटी भी देत रहय । चाय वाले अउर समोशा वाले भी अपन दौड लगाए रहय । आगरे कय मकहुर पेठा लई लेव कहि कय पेठा वाला भी चिल्लात रहय । हम लोग आज वापस आईत रहेन । आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन छोटी लाईन टे«न से हम लोगन कईहा“ लखनऊ आवयक रहा ।हम अपने ध्यान मईहाँ हरान रहेन अउर यात्रक बारेम सोंचित रहेन । हम लोग एस.एल.सी. (हाई स्कूल) परीक्षा दइके इधर घूमय आए रहन । सन् १९६६ (वि.सं. २०२२) कय बात होय । हम लोगन कय संख्या तीन रहय । जिमा हमरे सहपाटी मित्र द्वारिका प्रसाद वैश्य तथा चुन्नी लाल साहू जी भी साथे रहे ।हम लोगन कय उद्देश्य परीक्षा देयक बाद छुट्टी बितावयक, ताज महल घूमैक अउर मधुरा मईहाँ श्रीकृष्ण भगवान कय जन्मष्टमी मनावयक रहय । आज पहिले दिन सकारे ७ः०० बजे हम लोग आगरा पहुँचे रहन । आगरा फोर्ट स्टेशन पर ही उतरे रहन् । नजदीकय कय होटल मईहाँ एक मरा लइके रुका...






