पिछडा वर्ग कब तक पिछडय रही ?
२०७७ चैत्र ११ गते
नेपाल मईहाँ २ मेर के मनई रहत हय । ई मा एक जात हय पहाडी वर्ग केर दोसर हय मधेशी वर्ग केर । ई मा देखव तो पावा जात हय कि पहाडी वर्ग बहुतय शिक्षित अऊर धनी हय मूला मधेशी जातिमा न तव शिक्षा हय न तव ऊ धनीन हय । मधेशीन मईहाँ एक वर्ग हय ऊ का पिछडा जात कहा जात हय । ई जाति का आगे बढावेक खातिर उनका ओवीसी कय श्रेणी मा सुचीकृत कर दिहा गवा हय । ई पिछडा वर्गमा हय कुशवाहा, कुर्मी, कुम्हार, कंहार, कमार, केवट, कानु, तेली, कलवार, नुनिया, बनिया, भेडिहर, माली, मल्लाह, मुसलमान, वरैड, यादव, राजभर, राजधौव, रौनियार, लोहार, लोध, सुडी, सैनी, सोनार, हलुवाई, हमाज, अयात, केवरत, वर्णवाल, जोगिया, बिन, बेलदार, बोट, अऊर ईनका बडै जईसन जात केर आगे बढावेक ई ओबीसी काम करत आवा हय । ई जातन केरि विकास करेक खातिर ओबीसी सरकार के आगे आपन मांग उठावत हय । मूला सरकारी स्तर मा जऊन सहयोग आवत हय उत्ता रकम से पिछडा वर्ग ...







