
गजल

इस जमाने में ये क्या अजब हो गया,
खेल नफरत का देखो गजब हो गया ।।
जब सडक पर चलो, हर तरफ हो नजर,
रोड अब हादसो का सबब हो गया ।।
कौन जाने कि दुनिया मे रब है कहाँ,
प्यार जिसने दिया वो ही रब हो गया ।
हमनें जीना शुरु ही किया था यहाँ,
सांझ का वक्त जीवन मे ये कब हो गया ।।
कौन है जो ये दावा यहाँ कर सके,
जीस्त में उसने चाहा सब हो गया ।।
पता– डा. राज बाला ‘राज’ कवयित्री
ग्राम÷ पोस्ट–– राजपुरा (सिसाय)
जिला – हिसार –125049
Mob.N.: 8569853471/8708043431
Email: [email protected]
