Tuesday, April 21सत्यम खबर
Shadow

यहाँ हालात है जैसे

गजल


अंधेरा हर तरफ छाया कि दिन में रात है जैसे,
कलम मेरी बयां करती यहाँ हालात है जैसे ।

जिसे देखों उसी की आँख से बहता है इक दरिया,
नहीं थमती ये आँखों से, कोई बरसात है जैसे ।।

लगा है आदमी ही आदमी को नोचने देखो,
यहाँ इन्सानियत ने आज खाई मात है जैसे ।

बहुत झेला नहीं झेलेगी कुदरत आदमी को अब,
दिखाई आदमी को आज तो औकात है जैसे ।।

हँसाता है हमें वो और जब चाहे रुलाता है,
विधाता को भी अखरी हो कोई तो बात है जैसे ।।

पता–– डा. राज बाला ‘राज’
जिला – हिसार –125049
Mob.N.: 8569853471/8708043431
Email: [email protected]

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